इस राज्य में कानून का हवाला देकर लगा दी गई क़ुरबानी पर पाबंदी, मुस्लिम समुदाय अब…..

अगरतला त्रिपुरा।

विश्व भर मे फैले हुवे मुसलमान ईद उल अज़हा का त्योहार मना रहे है 3 दिनो तक चलने वाले इस त्योहार मे मुस्लिम समुदाय के लोग जानवरो की कुर्बानी करते है,इसी बीच भारत के पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा से खबर है जहाँ की प्रशासन ने जानवरो की कुर्बानी को प्रतिबंधित कर दिया है और एलान किया गया है कि कुर्बानी करने वाले के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की जायेगी।

राज्य के पशु संसाधन विकास विभाग (एआरडीडी) के सचिव ने एक संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि रविवार को अगरतला शहर के शहरी क्षेत्रों में किसी भी वध (कुर्बानी) की अनुमति नहीं दी जाएगी, उन्होने इसके लिये राज्य के कानून का हवाला दिया और कहा कि यह पशु क्रूरता निवारण (वधशाला) नियम 2001 से संबंधित है।

त्रिपुरा राज्य में पशु क्रूरता की रोकथाम को लेकर पशु संसाधन विकास विभाग (एआरडीडी) के सचिव डॉ. टीके देबनाथ ने शनिवार को कहा कि ईद उल-अजहा (बकरीद) के अवसर पर अगरतला शहर के शहरी क्षेत्रों में किसी भी पशु के वध की अनुमति नहीं दी जाएगी,इस दौरान उन्होने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालो के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी।

उन्होंने भारतीय पशु कल्याण बोर्ड की एक अधिसूचना का उल्लेख करते हुए कहा कि पूरे देश में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 और पशु क्रूरता निवारण (वधशाला) नियम 2001 पर पूरे देश में ध्यान केंद्रित करते हुए सभी संबंधित विभागों को एक पत्र जारी किया गया था,हालाँकि मुस्लिम समुदाय के लोगो को अगरतला के बाहर देहातो मे कुर्बानी की इजाज़त दी गई है।

विभाग द्वारा कानून का पालन कराने के लिये राज्य के डीजीपी को एक खत लिखा गया है इसके इलावा एआरडीडी द्वारा उक्त अधिसूचना के बीच बकरीद के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की जांच के लिए अगरतला के सभी संवेदनशील क्षेत्रों को प्रवर्तन विभाग द्वारा हाई अलर्ट पर रखा गया है।

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