पागलों की तरह जिस लड़की से करता था प्यार, लड़की ने कर दिया इनकार, फिर लड़के ने लड़के ने उठाया ये कदम की…

जिस वक्त लोग प्यार मोहब्बत के नाम पर जान देने के लिए तैयार हो जाते हैं और नाकामी पर जान लेने के लिए भी तैयार रहते हैं फिर अपनी मोहब्बत को सच्ची मोहब्बत भी कहते लेकिन सच्ची मोहब्बत कहते किसको है कभी आपने सोचा आज हम आपको बताते हैं एक ऐसे लड़के की कहानी जो एक लड़की से बहुत ज्यादा प्यार करता था यहां तक की जान से भी ज्यादा लेकिन सचमुच की मोहब्बत थी जिसको लोग पाकीज़ा मोहब्बत कहते हैं उस लड़के का उस लड़की से ऐसी मोहब्बत थी उसको ऐसा लगता है था जैसे उसको वो जन्म जन्म से जानता हो ।

उसके तमाम दोस्त उसकी इस मोहब्बत के बारे में जानते थे एक दिन उसका एक दोस्त बोला जब तुम मुझ से इतनी मोहब्बत करते हो कि हमें भी रश्क आता है उसको जाकर बताओ तो सही उसके दिल में तुम्हारे बारे में क्या ख्याल है लड़के ने सोचा कि ठीक है उस लड़की का भी हक बनता है कि उसे भी पता चले लड़के ने एक फूल का गुलदस्ता लिया लेकर लड़की के पास गया ताकि उसको अपने दिल की हालत बताए लड़की को भी पहले से मालूम था यह लड़का उसको बहुत ज्यादा प्यार करता है क्योंकि मशहूर है इश्क छुपाने से भी नहीं छुपता फिर लड़की को कैसे पता ना चलता।

जब लड़के ने लड़की से अपनी मोहब्बत के बारे में बताया तो लड़की ने भी बैठक कहा हां मैं जानती हूं लेकिन मैं तुम्हारे बारे में उस तरह नहीं सोचती हूं लड़का मुस्कुराया और चला गया उसके दोस्तों को जब मालूम हुआ कि लड़की ने इंकार कर दिया है तो बहुत परेशान हुए लड़के की जिंदगी का मकसद ही पाकीजा मोहब्बत थी पता नहीं उस पर क्या गुजरेगी वह दिन-रात अपने दोस्त के साथ रहने लगे कहीं लड़का अकेले में कोई गलत कदम ना उठा ले कई दिन गुजरने के बाद वह हैरान थे कि लड़का अभी उसी तरह हंसता मुस्कुराता था ।

ना मजनू की तरह बाल बढ़ाए ना शेव उस लड़की की बात अभी भी बहुत प्यारे अंदाज से बताता दोस्त समझ गए कि लड़का अभी उसके इश्क में अंधा है वह लड़की भी कोई बहुत खूबसूरत नहीं थी लेकिन फिर भी उसका नाम सुनता था हसने लगता था आखिर दोस्त ने पूछ ही लिया तुम क्या कर रहे हो जब उसने इंकार कर दिया है तो तुमने बुरा क्यों नहीं मनाया ना तू रोया ना तूने बदला लिया और आज भी उसका उसी तरह से प्यार करता है तेरी यह बात मेरी समझ में नहीं आई ।

उस लड़के ने कहा मेरे दिमाग में जो लड़की की तस्वीर है वह हमेशा एक पाक़ीज़ा परी जैसे ही रहेगी क्योंकि मैंने उससे असली मोहब्बत की है वह मुझे पसंद नहीं करती उसमें मेरा कोई नुकसान नहीं है नुकसान तो उस लड़की का हुआ है कोई तो था जो उसको इतनी ज्यादा मोहब्बत करता था उसकी फिक्र करता था और उस लड़की को खुद अपना नुकसान कर रही है वह तो मुझे कभी भी पसंद नहीं करती थी मैंने भला क्या खोया। कुछ सूखे हुए पत्ते थे मेरी आखिरी पूजी अब वह भी नहीं रहे । मोहब्बत का मतलब है देना, और देना, और देना, है बगैर किसी बदले की उम्मीद के यह लाज़वाल मोहब्बत होती है जो इंसान को ताकतवरऔर बादशाह बना देती है ।

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