खरगोन में हिंदू- मुस्लिम के बीच अब सरकारी दीवार, दुकानों से खरीदी बंद, मुसलमान होने पर…

मध्यप्रदेश के खरगोन में राम नवमी पर हुई हिंसा के बाद अब हालात सामान्य हो गए हैं पहले की तरह ही बाजारों में चहल पहल नजर आने लगी है, हालांकि लोग अब भी वह मंजर नहीं भूले हैं. इस बात से प्रशासन भी अनजान नहीं है, फिलहाल पुलिस ने इस मामले को लेकर संवेदनशील इलाकों मे कहीं दीवार तो कहीं स्थाई बेरीकेड लगा दिये हैं. पुलिस भी अपनी पैनी नजर बाजारों पर बनाए हुआ है, जिससे कोई अप्रिय घटना ना हो सके।

खरगोन के खसखसवाड़ी और जमींदार मोहल्ले के बीच 12 फीट की कांक्रीट दीवार खड़ी कर दी गई है। दीवार के ऊपर बॉर्डर फेंसिंग भी लगाई गई है, ताकि कोई इसे फांद न सके। इसके अलावा संजय नगर में 2 जगहों पर और ब्राह्मणपुरी में बेरिकेड लगाए गए हैं। संजय नगर में पूर्व एसपी सिद्दार्थ चौधरी को गोली मारी गई थी। इस्लामपुरा में ज्यादातर मुस्लिम आबादी है। यहां रहने वाले इदरीश की दंगों के दौरान मौत हो गई थी।

संकरी गलियों और कीचड़ के बीच पूछने पर लोग यही कहते रहे कि अब सब कुछ सामान्य है। हालांकि, यहीं रहने वाले रिटायर्ड ASI सोहराब खान कहते हैं कि उन्होंने कई दंगे देखे हैं। इस बार शहर का पुराने समय में लौटना मुश्किल दिखता है। खान कहते हैं कि उनका बेटा यहां स्थानीय ऑटो शोरूम में मैनेजर था। उन लोगों ने इसी 6 जून को नौकरी पर आने से मना कर दिया।

इस बस्ती के लोग कहते हैं कि अब सब कुछ सामान्य है। हालांकि, कुछ लोग आशंका जताते हुए कहते हैं कि इस बार शहर का पुराने समय में लौटना मुश्किल दिखता है। शहर के सबसे समृद्ध क्षेत्र सर्राफा बाजार में दंगाइयों को घुसने से रोकने के लिए मोहन टॉकीज की तरफ एक गली में बैरिकेड लगा दिए गए हैं। स्थानीय व्यापारी कहते हैं इसी रास्ते से दंगाई यहां आए थे। यही वजह है कि यहां बैरिकेड लगाया गया है। अब यहां पक्की दीवार बनाने की तैयारी है।

शुक्रिया : दैनिक भास्कर

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