सर्वाजनिक स्थानो पर नमाज़ तो जेल फिर पूजा की आज़ादी क्यों, पूर्व IPS ने उठाये सवाल, राष्ट्रपति की वीडियो….

नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है,25 जुलाई को नव निर्वाचित 15 वी राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगी,लेकिन इस से पहले नवनिर्वाचित राष्ट्रपति का एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है जिसमे द्रोपदी मुर्मू खड़ी है और एक पण्डित मंत्र पढ़ता दिखाई दे रहा है,वीडियो के वायरल होने के बाद ट्विटर समेत दूसरे सोशाल मीडिया प्लेटफार्म पर लोग तरह तरह की प्रतिक्रिया दे रहे है।

रिटायर्ड IAS आफीसर सूर्य प्रताप सिंह ने अपने किये गये एक ट्वीट मे सवाल किया कि क्या ये शुद्धिकरण मंत्रोपचार है ? किसने मैनेज किया अच्छी बात है,गौर तलब रहे कि देश भर मे सर्वाजनिक स्थानो पर नमाज़ पढ़ने को लेकर विवाद पैदा किया जा रहा है तो वही धर्मनिर्पेक्ष देश भारत के लगभग सभी सरकारी कार्यक्रमो मे हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार पूजा की जाती रही है।

नमाज़ बनाम पूजा के मामले मे अब लोग सरकार से सवाल भी पूछने लगे है, एक ट्विटर यूज़र ने लिखा कि आदिवासी हिन्दू नही होते है इनका अपना कबाइली धर्म होता है उसके बावजूद चुनाव मे जीत के बाद राष्ट्रपति भवन पहुंचने से पहले श्रीमती मुर्मू के लिये ये किस तरह की पूजा का आयोजन किया गया था।

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