क्रिकेट में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे और आपसी प्यार-मोहब्बत ने कई खिलाड़ियों की जिंदगी बना दी…

जहां देश में एक तरफ नफरत के बीज बोए जा रही है, और इस पर नेता राजनीति भी कर रहे है जिसके चलते कुछ लोग भी नफरत के शिकार हो गए हैं, अगर आप इस से निकलना चाहते हैं तो इसके लिए भाईचारा और मोहब्बत जैसी दवाई की जरूरत है, जो किसी मेडिकल स्टोर पर नहीं बल्कि समाज में ही मिलती है, और आपके आसपास ही बस आपको महसूस करने की जरूरत है जिस दिन आप भाईचारे मोहब्बत को महसूस कर लेंगे उस दिन आप नफरत के नशे से मुक्त हो जाएंगे।

आज आपके सामने आपसी भाईचारा और मोहब्बत की ऐसी मिसाल सामने लाकर रखूंगा जिसकी वजह से कई क्रिकेटरों की जिंदगी संवर गई, आज वह आईपीएल खेल रहे हैं और नाम कमा रहे हैं खिलाड़ी “हिंदू है तो कोच “मुसलमान है कोच हिंदू है तो खिलाड़ी मुसलमान है। दोनों एक दूसरे के हाथ पकड़कर आगे बढ़ गए और इसी भाईचारा मोहब्बत में इन खिलाड़ियों की जिंदगी बना दे।

जम्मू एक्सप्रेस के नाम से मशहूर इमरान मलिक को आप जानते ही होंगे जो आईपीएल में 157 की रफ्तार से गेंद फेंक कर तहलका मचा रहे हैं। उन्होंने 14 मैच में 21 विकेट ले चुके हैं इस सीजन में हैदराबाद के लिए सबसे ज्यादा विकेट उमरान मालिक ने लिया है, उमरान के पिता 50 सालों से फल बेच रहे हैं क्या आप जानते हैं इमरान के कोच कौन हैं जिन्होंने शुरुआत में इमरान की खूब मदद की। अगर कोच मदद ना करते तो उमरान मलिक यहां तक नहीं पहुंच पाते उनके कोच का नाम रणधीर सिंह है।

एक और खिलाड़ी तिलक वर्मा की बात करते हैं तिलक वर्मा के पिता इलेक्ट्रीशियन है तिलक हैदराबाद के रहने वाले हैं और मुंबई इंडियंस के लिए खेल रह है। इन्होंने मुंबई इंडियंस के लिए 14 मैच में 397 रन बनाए, इस खिलाड़ी को शानदार बनाने में मोहब्बत और भाईचारा ही काम आया है, तिलक वर्मा के पिता के पास इतने पैसे नहीं थे की बेटे को किसी अकैडमी में दाखिल दिला सकें, जहां पैसे नहीं होते वहां भाईचारा काम आता है।

तिलक के टैलेंट को देखते हुए उनके कोच सलाम बयाश ने पिछले 10 साल से फ्री में कोचिंग करा रहे हैं, एक समय था जब बयाश रोज़ तिलक का अपनी स्कूटी में बैठा के स्टेडियम ले जाते फिर घर छोड़ते थे, सलाम बयाश के पिता ने उनको सलाह दी थी कि कोचिंग देते वक्त कभी हिंदू मुसलमान मत देखना, टैलेंट को देखते हुए कोचिंग देना उन्होंने अपने पिता की सलाह को मानते हैं वही काम कर रहे हैं, उनकी एकेडमी में 200 बच्चे हैं सिर्फ 15 बच्चे “मुसलमान’ बाकी सब “हिंदू’ हैं ।

रिंकू सिंह का नाम तो सुना ही होगा जिन्होंने आईपीएल में KKR के लिए खेल रहे हैं, वह अलीगढ़ के रहने वाले हैं उनके पिता घर-घर गैस सिलेंडर पहुंचाते हैं, अगर रिंकू यहां तक पहुंचे हैं तो उनके दोस्त मोहम्मद जीशान और कोच मसूदूज अमीनी का सहयोग है, अमीनी पिछले 20 साल से अलीगढ़ में कोचिंग दे रहे हैं अमीनी की एकेडमी का नाम अलीगढ़ क्रिकेट स्कूल है, मैं खेलकूद को धर्म से नहीं जोड़ रहा हूं बस मोहब्बत और भाईचारे की बात कर रहा हूं।

नफरत सब कुछ बर्बाद कर रहा है नफरत को छोड़िए और भाईचारा आपको अपना लीजिए एक दूसरे का हाथ पकड़कर आगे बढ़ते जाइए यही किताब आपके बच्चों की जिंदगी में काम आएगी जिंदगी बहुत छोटी है उसे प्यार मोहब्बत से बड़ा बना दीजिए।

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