जवाब दीजिए, सवाल थोड़ा कड़वा है, एक हिन्दू राजा का नाम बता दें जिसने मस्जिद…

भारत में तमाम मुसलमान बादशाह हुए तो हिन्दू राजा भी हुए हैं। औरंगज़ेब की दी हुई सरकारी ज़मीन पर चित्रकूट का बालाजी मंदिर,उज्जैन के महाकाल मंदिर से लेकर इलाहाबाद का बेनी माधव मंदिर , मथुरा का कृष्ण मंदिर, आसाम का कामाख्या मंदिर बना और इतिहासकार प्रोफेसर वी एन पांडे के पुस्तक में दिए दस्तावेज बताते हैं कि इन मंदिरों को बनाने में औरंगज़ेब ने सरकारी मदद की‌, पूजा पाठ और भोग लगाने के लिए लगानमुक्त ज़मीनें‌ दीं।

टीपू सुल्तान के किले “श्रीरंगपट्टनम” में “रंगनाथ मन्दिर” था और आज भी है, रंगनाथ मन्दिर को टीपू ने सात चांदी के कप और एक रजत कपूर-ज्वालिक पेश किया जो आज भी उस मंदिर में है, इसके अतिरिक्त टीपू सुल्तान ने 156 हिंदू मन्दिरों को तमाम तोहफ़े पेश किए।

मेलकोट के मन्दिर में सोने और चांदी के बर्तन है, जिनके शिलालेख बताते हैं कि ये टीपू ने भेंट किए थे। टीपू सुल्तान ने कलाले के लक्ष्मीकान्त मन्दिर को चार रजत कप भेंटस्वरूप दिए थे। 1782 और 1799 के बीच, टीपू सुल्तान ने अपनी जागीर के मन्दिरों को 34 दान के सनद जारी किए। इनमें से कई को चांदी और सोने की थाली के तोहफे पेश किए।

ननजनगुड के श्रीकान्तेश्वर मन्दिर में टीपू का दिया हुआ एक रत्न-जड़ित कप है। ननजनगुड के ही ननजुनदेश्वर मन्दिर को टीपू ने एक हरा-सा शिवलिंग भेंट किया, टीपू सुल्तान की सोने की वह अंगूठी लंदन में नीलाम कर दी गई जिस पर ‘राम’ लिखा है और टीपू की शहादत के वक्त‌‌ उनके मृत शरीर से 43 ग्राम की इस अंगूठी को अंग्रेजों ने निकाल‌ लिया था।

क्रिस्टीज़ नीलामी घर ने सोने की इस अंगूठी को एक लाख 45 हजार पाउंड में बेचा मगर जिस देश में मोदी का सूट 5 करोड़ में नीलाम हुआ उस देश से कोई भारतीय धन्नासेठ‌ इसे खरीदने नहीं पहुंचा।

इलाहाबाद में संगम के किनारे अकबर के किले में आज भी अक्षय वट मंदिर है जिसमें महारानी जोधा पूजा करती थीं।सरकारी दस्तावेज देखिए तो आप पाएँगे कि नवाब आसिफुद्दोला की दी हुई ज़मीन और मदद से योगी जी का “गोरखनाथ” मंदिर बना।

अलाउद्दीन खिलजी और अन्य बादशाहों का मन्दिरों के निर्माण का इतिहास और प्रमाण लिखने लगूँ तो पोस्ट लम्बी हो जाएगी इसलिए फिलहाल यह तीन चार बादशाहों का उदाहरण काफी है। अब आप इस देश के सैकड़ों हिन्दू राजाओं के महलों और किलों में या बाहर कहीं भी एक भी ऐसा उदाहरण बताईए जहाँ उन्होंने एक “मस्जिद” बनाई हो। सिर्फ एक उदाहरण बताईए। बाकी सहिष्णु तो है ही।

लेख़क Mo Zahid इस आर्टिकल में दिए गये आकड़े की हम पुष्टि नही करते।

 

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