आतंकवाद के आरोप मे 5 साल जेल मे रहने के बाद रिहा किये गये 105 लोग,जेल से छूटने पर सरकार से…

बस्तर छत्तीसगढ़।

साल 2017 में सुकमा के बुर्कापाल नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 25 जवान शहीद हो गये थे, इस केस में पुलिस ने 105 आदिवासियो को गिरफ्तार कर जेल में बंद किया था,इन सभी आदिवासियो को पांच साल बाद शनिवार को रिहा कर दिया गया है, इन लोगो पर नक्सली हमले में शामिल होने का पुलिस ने आरोप लगाया था, दंतेवाड़ा एनआईए कोर्ट ने 5 साल बाद इस केस में फैसला सुनाया और सभी को निर्दोष पाते हुवे रिहा करने का आदेश दिया।

पुलिस ने इन लोगो पर नक्सलियो के इलाज मे मदद करने का भी आरोप लगाया था,लेकिन रिहा किये गये एक आदिवासी ने मीडिया से बात करते हुवे कहा कि सुकमा, बीजापुर जिले के अंदरूनी इलाकों में खेती किसानी करके अपना जीवन यापन करते हैं, साथ ही उनका नक्सलियों से किसी भी प्रकार का कोई संबंध नहीं था, इसके बावजूद भी पुलिस के जवानों ने नक्सल सहयोगी के नाम पर उन्हें जेलों में बंद कर दिया था।

रिहा होने के बाद सभी आदिवासियो ने अदालत एवं सरकार को धन्यवाद कहा और अपने घरो को चले गये लेकिन अपने पीछे एक सवाल छोड़ गये,कि क्या सच मे 5 साल जेल मे रहने के बाद उनके साथ इंसाफ हुवा है,और आखिर इन 5 सालो का हिसाब कौन देगा छतीसगढ़ पुलिस,सरकार या अदालत,इन 5 सालो मे इन ग्रामीणो ने जो खोया है वो आखिर कौन लौटायेगा ।

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